अनशन तोड़ने के बाद सोनम वांगचुक का नया वीडियो, बोले- 3 मांगों पर मिली लिखित गारंटी, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर नहीं मिला भरोसा

CJP Protest, Sonam Wangchuk, Sonam Wangchuk ends hunger strike, NEET Paper Leak 2026, Sonam Wangchuk releases new video,

नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और नीट पेपर लीक के विरोध में करीब 26 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात अपना अनशन खत्म कर दिया। वांगचुक ने कहा कि केंद्र सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने भूख हड़ताल समाप्त करने का फैसला लिया है।

अनशन खत्म करने के बाद वांगचुक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर आंदोलन से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह उनसे मिलने अस्पताल पहुंचे थे। इस दौरान लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।

वांगचुक के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से सरकार के साथ लिखित आश्वासन को लेकर बातचीत चल रही थी। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें मौखिक भरोसा दिया गया था, लेकिन उन्होंने अपनी भूख हड़ताल खत्म करने से पहले लिखित गारंटी की मांग की। इसी वजह से अनशन खत्म करने में दो दिन की देरी हुई।

इन तीन मांगों पर बनी सहमति का दावा

वांगचुक ने बताया कि सरकार की ओर से उन्हें तीन प्रमुख मुद्दों पर लिखित आश्वासन मिला है।

पहली मांग: जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों और 20 जुलाई को ‘संसद चलो’ मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई या एफआईआर नहीं की जाएगी।

दूसरी मांग: पेपर लीक विवाद से जुड़े मामलों में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने पर सरकार विचार करेगी और उन्हें आर्थिक राहत उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है।

तीसरी मांग: संसद के मानसून सत्र के दौरान परीक्षा व्यवस्था और शिक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर चर्चा और बहस होगी। साथ ही परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों पर भी विचार किया जाएगा।

हालांकि, वांगचुक ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर उन्हें कोई निश्चित समयसीमा या स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार यह भरोसा नहीं दे सकी कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा कब होगा।

अनशन खत्म करने के बाद वांगचुक ने 26 दिनों के बाद खाना खाने का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें लंबे समय बाद कुछ खाने को मिला। उन्होंने कहा कि खाने का स्वाद बेहद अच्छा लगा, लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि “भूख का कोई स्वाद नहीं होता है।”

वांगचुक ने अपने आंदोलन के दौरान समर्थन देने वाले सांसदों और लद्दाख की एपेक्स बॉडी के नेताओं का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि करीब 65 सांसदों ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर उनका समर्थन किया था और संसद में नीट पेपर लीक तथा परीक्षा प्रणाली के मुद्दे को उठाने का भरोसा दिया था। अब अनशन खत्म होने के बाद निगाहें सरकार के अगले कदम और संसद के मानसून सत्र में परीक्षा सुधार के मुद्दे पर होने वाली संभावित चर्चा पर टिकी हैं।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया NPR BHARAT NEWS के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...

Related posts